राहुलशर्मा :-

राज्यों के पास सिर्फ 5 दिन का वैक्सीन स्टॉक:आंध्र प्रदेश और बिहार में 2 दिन से भी कम का स्टॉक बचा, राहुल गांधी का PM पर तंज- ये उत्सव का नहीं, परेशानी का वक्त है

नई दिल्ली23 दिन पहले

राज्यों में वैक्सीन का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्यों के पास औसतन 5.5 दिन के आसपास वैक्सीन का स्टॉक बचा हुआ है। आंध्र प्रदेश में 1.2 दिन तो बिहार में 1.6 दिन के वैक्सीनेशन का स्टॉक है। एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 5 दिनों तक टीका उत्सव मनाने की अपील की थी। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तंज कसा है।

राहुल ने कहा कि बढ़ते कोरोना संकट में वैक्सीन की कमी बड़ी समस्या है। ये उत्सव का समय नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अपने देशवासियों को खतरे में डालकर क्या वैक्सीन एक्सपोर्ट करना सही है? केंद्र सरकार को राज्यों से पक्षपात किए बिना उनकी मदद करनी चाहिए।

PM मोदी ने कहा था, 11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव मनाएं
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना महामारी पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि वैक्सीन का वेस्टेज रोकना है। राज्यों की सलाह से ही देश के लिए रणनीति बनी है। 45 साल से ऊपर के लोगों को 100% वैक्सीनेशन का लक्ष्य बनाइए। 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले और 14 अप्रैल को बाबा आंबेडकर की जयंती है। क्या हम इस दौरान टीका उत्सव मना सकते हैं? अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें। इस दौरान जीरो वेस्टेज हो। इससे भी वैक्सीनेशन बढ़ जाएगा। इसके लिए केंद्रों की संख्या बढ़ानी पड़े तो बढ़ाएं।

केंद्र के पास 1.96 करोड़ वैक्सीन का स्टॉक
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि राज्यों को वैक्सीन की सप्लाई 4 से 8 दिन के बीच की जाती है। रोजाना राज्यों के अधिकारियों से बात कर तय किया जाता है कि किस राज्य में वैक्सीन भेजी जानी है। वैक्सीन की कमी के साथ अगले सप्ताह के लिए होने वाली सप्लाई भी फिलहाल पाइपलाइन में अटकी हुई है। सभी राज्यों के आंकड़े जोड़ लें तो सरकार औसतन रोजाना 36 लाख डोज लगा रही है। अभी सरकार के पास 1 करोड़ 96 लाख वैक्सीन का स्टॉक है। 2 करोड़ 50 लाख वैक्सीन पाइपलाइन में है।

आंध्र प्रदेश और बिहार की हालत ज्यादा खराब
आंध्र प्रदेश के पास वैक्सीन के 1.4 लाख डोज ही बचे हैं। यहां रोजाना 1.1 लाख वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है। इस हिसाब से ये 2 दिन में खत्म हो सकती है। राज्य को पाइपलाइन में फंसी 14.6 लाख वैक्सीन का इंतजार है। बिहार में भी इसी तरह के हालात हैं। यहां 2.6 लाख डोज बचे हुए हैं। राज्य में रोज 1.7 लाख वैक्सीन डोज लोगों को लगाए जा रहे हैं।

तमिलनाडु के पास 17 लाख डोज, लेकिन वैक्सीनेशन स्पीड कम
तमिलनाडु के पास 17 लाख वैक्सीन का डोज है। इसका एक बड़ा कारण यहां वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार है। यहां रोजाना करीब 37 हजार वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है। महाराष्ट्र में प्रतिदिन 3.9 लाख वैक्सीन लगाई जा रही हैं। राज्य के पास 15 लाख वैक्सीन का स्टॉक है। बता दें कि महाराष्ट्र 2 अप्रैल को वैक्सीन के सबसे ज्यादा 5.1 लाख डोज लोगों को दे चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में जल्द ही वैक्सीन की खेप पहुंचा दी जाएगी।

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